नवरात्रि पूजा कैलेंडर
नौ दिन · नौ देवी · मंत्र · रंग · नैवेद्य
माँ शैलपुत्री
पर्वतराज-पुत्री
मंत्र
ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥
नैवेद्य (Bhog)
गाय का घी, सफेद फूल, दूध, पंचामृत
स्वामी ग्रह / वरदान
चन्द्र (Moon) — स्वास्थ्य, साहस और आंतरिक शक्ति प्रदान करता है।
माँ ब्रह्मचारिणी
तपस्विनी
मंत्र
ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥
नैवेद्य (Bhog)
चीनी, मिश्री, सफेद फूल, पंचामृत
स्वामी ग्रह / वरदान
मंगल (Mars) — भक्ति, तप और आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करता है।
माँ चन्द्रघण्टा
चन्द्रघण्टा
मंत्र
ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥
नैवेद्य (Bhog)
दूध की मिठाई, लाल फूल, शहद, खीर
स्वामी ग्रह / वरदान
शुक्र (Venus) — बुराई नष्ट करता है, अनुग्रह और मानसिक शांति देता है।
माँ कूष्माण्डा
ब्रह्माण्ड निर्मात्री
मंत्र
ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥
नैवेद्य (Bhog)
मालपुआ, पीले फूल, नारियल, फल
स्वामी ग्रह / वरदान
सूर्य (Sun) — ऊर्जा, स्वास्थ्य देता है और रोग दूर करता है।
माँ स्कन्दमाता
स्कन्द-माता
मंत्र
ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥
नैवेद्य (Bhog)
केला, सफेद फूल, पंचामृत, नारियल
स्वामी ग्रह / वरदान
बुध (Mercury) — मोक्ष, बुद्धि और संतान का कल्याण करता है।
माँ कात्यायनी
महिषासुरमर्दिनी कात्यायनी
मंत्र
ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥
नैवेद्य (Bhog)
शहद, लाल फूल, गुड़, सिंदूर
स्वामी ग्रह / वरदान
गुरु (Jupiter) — बाधा हटाता है; विवाह और समृद्धि का आशीर्वाद देता है।
माँ कालरात्रि
कालरात्रि
मंत्र
ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥
नैवेद्य (Bhog)
गुड़, गुड़ का प्रसाद, काला तिल, तेल का दीपक
स्वामी ग्रह / वरदान
शनि (Saturn) — अंधेरे, डर और नकारात्मक शक्तियों को नष्ट करता है।
माँ महागौरी
महागौरी
मंत्र
ॐ देवी महागौर्यै नमः॥
नैवेद्य (Bhog)
नारियल, सफेद फूल, नारियल की बर्फी, कन्या पूजा
स्वामी ग्रह / वरदान
राहु (Rahu) — पाप धोता है, पवित्रता और मनोकामनाओं की पूर्ति करता है।
माँ सिद्धिदात्री
सिद्धिदात्री
मंत्र
ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥
नैवेद्य (Bhog)
तिल का हलवा, कमल के फूल, नौ अनाज, नारियल, पंचामृत
स्वामी ग्रह / वरदान
केतु (Ketu) — आठ सिद्धियां प्रदान करता है: मुक्ति, समृद्धि और दिव्य ज्ञान। कन्या पूजा, हवन और पूर्णाहूति।
पूजा निर्देश
- हर दिन की पूजा गणेश वंदना से शुरू करें।
- अखंड ज्योति (निरंतर दीपक) पूरे नौ दिनों तक प्रज्वलित रखें।
- अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजा (9 कन्याओं की पूजा) करें।
- नवमी पर हवन और पूर्णाहूति करें।
- हर दिन पूजा के अंत में आरती और क्षमा प्रार्थना करें।
ॐ नमः शिवाय · जय माता दी · शुभ नवरात्रि
